लैलूंगा(धर्मेंद्र महंत):- गांव के विकास हेतु शासन अनेक योजनाएं चला रही है फिर भी बेरोजगार ग्रामीण मजदूरों को उनकी अधिकार से वांछित रखने में कोई कसर नई छोड़ रहे एडिटर ,,,,
ग्राम पंचायतों में हुये कार्यों की गुणवत्ता निरीक्षण हेतु शासन अनेकों मुहिम चला रही है लेकिन सोशल ऑडिटर चंद पैसे के लिये बेच रहे है अपना ईमान
मामला जनपद पंचायत लैलूंगा जिला पंचायत रायगढ़ की है जंहा पिछले 23 फरवरी 2023 से शासन के प्रमुख योजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत सम्पादित हुये कार्यों की जांच निरीक्षण हेतु अनेकों टीम गठित किया गया है जिसमे ऐसे कुछ पँचायत जैसे मुड़ागांव में सामाजिक अंकेक्षण का कार्य सम्पादित किया गया, जिसका ग्रामीणों को भनक तक नई लगी ,,,,, जिसमें निरीक्षण के दौरान कार्य निरीक्षण, मजदूर सत्यापन, जाबकार्ड जांच, ग्राम सभा होना होता है पर यंहा सोशल ऑडिटर के द्वारा अपनी कर्तब्य के प्रति उदासीनता हर्टमृता, लापरवाही को प्रगट करते हुये चंद पैसे के लालच में आ कर सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को चार दिवारी के भीतर ही निपटा दिया गया,,,
ऑडिटरों को पैसे का जुनून इतना सवार था कि गरीब मजदूरों को भी नई छोड़े
आडिटर के द्वारा आंख बंद कर के अपनी पद का गलत फायदा उठा रहे है और अपनी झोली भरने में कोई मौका चूक होने नई दे रहे है ll
यंही ग्रामीणों से जानकारी प्राप्त हुआ है कि ऑडिटरों द्वारा कार्यं निरीक्षण, मजदूर मुलाकात जाबकार्ड जांच किया ही नही पर प्रत्येक जांच रिपोर्ट में फर्जी हस्ताक्षर कर अपना लेखा दस्तवेज़ों को पूर्ण कर बिना ग्राम सभा लिये ही पँचायत से रफूचक्कर हो गय ll
अब देखना यह है कि ऑडिटरों के प्रति कोई कार्यवाही होती है कि हमेसा की तरह जिला पंचायत की किसी कोने में जांच रिपोर्ट को ढेर करते है l

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