कायाघाट में राशन दुकानो की आड़ में लंबे समय से चल रहा सट्टा और शराब का अवैध कारोबार। जिम्मेदारों की भूमिका पर उठ रहे सवाल.….......?

*जिम्मेदार बिट प्रभारी की कार्य शैली संदिग्ध।*

रायगढ़:- सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के मुताबिक जूटमिल थाना क्षेत्र कायाघाट में कुछ असामाजिक लोगो द्वारा राशन दुकानों की आड़ में सट्टा व शराब का अवैध कारोबार लंबे समय से किया जा रहा है। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि सेठ किरोड़ीमल समाधि गली से कायाघाट जाने वाली मार्ग में गंधरी नाला पुल पार करने के बाद लेफ्ट साइड की गली में तीसरे मकान नाम- बद्री नामक सतनामी समाज का युवक दुकान में सट्टा और शराब बेचता है। मिली जानकारी के मुताबिक बद्री लंबे समय से राशन दुकान की आड़ में सट्टा लिखने और बीयर शराब बेचने का अवैध कारोबार कर रहा है। मोहल्ले वासियों ने बताया कि "शाम ढलने के बाद सटोरियों और शराबियों की महफिल सजती है तथा देर रात तक बेवड़ो का जमावड़ा लगा रहता है। दुकान संचालक अपने घर की छत पर ग्राहकों आल फैसिलिटी मुहैया कराता है। वही गंघरी नाला पुल पार करते ही राइट साइड की गली में पहले मकान पर संतोष नमक युवक की मां व तीन मकान के बाद बिजेंद और सोनी नामक दो युवको के द्वारा भी दुकानों की आड़ में सुबह से रात 12 बजे तक शराब बिक्री की जाती हैं। शराब प्रेमीयो का रात 10pm के बाद देखो तो जैसे यही दारू के ठेका की दुकान लगती हैं। शराब बिक्री करने वाले में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर गुप्त रूप से एक दूसरे    की टांग खींचने में भी लगे रहते है और अपने वर्चस्व को लेकर हाथा पाई मारपीट की छिट पुट घटनाएं भी आए दिन होते रहता है मगर थाने तक बात बहुत कम पहुंचती हैं।।

इस तरह खुलेआम राशन दुकानो की आड़ में सट्टा और शराब के लंबे अर्से से चल रहे अवैध कारोबार को लेकर जिम्मेदार बिट प्रभारी की भूमिका पर सवाल उठना भी लाजमी है तथा जनप्रतिनिधि भी सवालों के घेरे में है।। जुआ, सट्टा, शराब जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए जिले में पुलिस विभाग के शीर्ष नेतृत्व द्वारा सभी थाना प्रभारियों को विशेष दिशा निर्देश दिए गए हैं। किंतु पुलिस अधीक्षक के आदेश निर्देश के बावजूद सट्टा और शराब का अवैध कारोबार कायाघाट में धड़ल्ले से चल रही है। ऐसे में जिम्मेदारों की भूमिका एवं कार्यशैली पर सवाल उठना लाजमी है।

कयाघाट में लंबे समय से अवैध शराब बेची जा रही है और, जिम्मेदार बिट प्रभारी इसकी जानकारी या तो थाना प्रभारी तक नहीं पहुंचा रहे या फिर जानबूझकर निजी स्वार्थ के लिए आंखे बंद कर लिया गया है? ऐसे में जिम्मेदार बिट प्रभारी की कार्य शैली संदिग्ध नजर आ रही है।

बहरहाल खबर प्रकाशन के  बाद अब यह देखना लाजमी होगा कि जुआ सट्टा शराब जैसे सामाजिक बुराइयों को समाज में प्रसार करने वाले असामाजिक नुमाइंदों पर अंकुश लगाने किस प्रकार कार्यवाही होगी।।