एसडीओ, इंजीनियर और जनपद पंचायत सीईओ की मिली मौन स्वीकृति जहां ठेकेदार करवा रहा है मन मौजी निर्माण कार्य
मोहन प्रताप सिंह

राजधानी से जनता तक. सुरजपुर/:-- जिले के जनपद पंचायत ओढ़गी के ग्राम पंचायत रेसारा में तटबंध निर्माण में खुलेआम की जा रही है भ्रष्टाचार जहां ऐसा प्रतीत होता है की जनपद पंचायत सीईओ, एसडीओ और इंजीनियर की मौन स्वीकृति मिली हुई है जो तटबंध निर्माण 19 लाख 90 हजार की लागत से बनाया जा रहा है जहां का निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत है और ठेकेदार के द्वारा निर्माण कराया जा रहा है जहां ठेकेदार के द्वारा सभी नियमों को ताक पर रखकर निर्माण कराया जा रहा है जहां ठेकेदार के द्वारा ना तो रोजगार सचिव की बात मानी जाती है और ना ही इंजीनियर और एसडीओ की फिर भी इन अधिकारियों सहित जनपद पंचायत सीईओ के द्वारा काम बंद नहीं कराया जा पा रहा है आखिर क्यों किसका मिला हुआ है ठेकेदार को संरक्षण।
निम्न स्तर का हो रहा है निर्माण कार्य:--
निर्माण स्थल पर पहुंच कर देखा जा सकता है कि निर्माण स्थल में किसी भी प्रकार की नियमावली का ध्यान नहीं दिया जा रहा है और मनमौजी करते हुए निर्माण कराया जा रहा है जान न्यू में ही सावधानी नहीं बरती जा रही है जिसमें सिर्फ बड़े-बड़े गिट्टी डाले जा रहे हैं गिट्टी में सीमेंट और बालू की मात्रा बिल्कुल नहीं है कुछ मोटाई गिट्टी बिछाने के बाद ऊपर नाम मात्र का बालू और सीमेंट डाला जा रहा है उसमें भी कंजूसी जहां पानी भी अच्छे से नहीं डाला जा रहा है जो मटेरियल गिला भी नहीं हो पा रहा है आखिर यह बनने वाला तटबंध कितने दिनों तक चलेगा जहां सिर्फ भ्रष्टाचार को ही निर्माण कार्य में दिखाया जा रहा है।
इंजीनियर के लिखित शिकायत के बाद भी बड़े अधिकारियों के द्वारा नहीं रोका गया कार्य:--
मीडिया के द्वारा जब संबंधित इंजीनियर रजनीश पटेल से फोन के माध्यम से बात की गई और इस विषय पर संज्ञान लिया गया तो इंजीनियर के द्वारा बताया गया कि मैं निर्माण स्थल पर कई बार जा चुका हूं वहां का निरीक्षण भी किया हूं और संबंधित उच्च अधिकारियों को इससे अवगत भी कराया हूं यहां तक मेरे द्वारा लिखित शिकायत भी उच्च अधिकारियों को किया गया है फिर भी कार्य नहीं रुक पा रहा है इस विषय पर जनपद पंचायत सीईओ, एसडीओ को संज्ञान लेना चाहिए लेकिन नहीं लिया जा रहा है।
सरपंच और ठेकेदार नहीं सुनते हमारी बात रोजगार सचिव उर्मिला:--
ग्राम पंचायत के रोजगार सचिव उर्मिला से जब इस विषय पर मीडिया के द्वारा बात की गई तो उनके द्वारा बताया गया कि मैं जब निर्माण स्थल पर जाती हूं उनसे कुछ कहती हूं तो हमारी बात ही नहीं सुनते लड़ाई झगड़ा करने लगते हैं उन लोगों के द्वारा निर्माण कार्य में ना तो अच्छे से सीमेंट डाला जा रहा है ना तो बालू डाला जा रहा है और ना ही अन्य सामानों का सही तरीके से उपयोग हो रहा है उनके द्वारा सबसे अधिक वह भी न्यू में सिर्फ गिट्टी डाली जा रही है और रात भी लगाया जा रहा है तो बहुत दूर दूर तक लगाया जा रहा है जो कि सही नहीं है इसकी शिकायत मेरे के द्वारा कई बार उच्च अधिकारियों से की गई है लेकिन कोई सुनता ही नहीं तो मैं क्या कर सकती हूं यहां तक की मेरी जानकारी में ना होते हुए भी मास्टर रोल भरकर पास करा लिया जाता है ग्राम पंचायत में ना तो मेरी बात ग्राम पंचायत का सरपंच सुनता है और ना ही ठेकेदार तो मैं क्या कर सकती हूं।
निर्माण स्थल पर एसडीओ को मेरे द्वारा भेजा गया था सीईओ रणबीर साय:---
मीडिया के द्वारा इस मामले में जब जनपद पंचायत सीईओ को फोन के माध्यम से संज्ञान लेना चाहा तो उनके द्वारा बताया गया कि इसकी जानकारी मुझे है निर्माण स्थल पर मेरे द्वारा संबंधित एसडीओ को भी भेजा गया था काम रुकवाया गया था जिसकी जानकारी मुझे अभी मीडिया के माध्यम से फिर मिली है कि कार्य चल रहा है मैं इस विषय पर एसडीओ से पुनः बात करता हूं।
देखना अब यह होगा कि समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित अधिकारियों के द्वारा इस विषय को संज्ञान में लिया जाता है या नहीं जहां इंजीनियर रोजगार, सचिव और जनपद पंचायत सीईओ के द्वारा अलग-अलग बयान दिया गया वहीं एसडीओ को फोन के माध्यम से जानकारी लेने की कोशिश की गई लेकिन उनकी मोबाइल स्विच ऑफ बताते रहा जहां निर्माण स्थल पर ना तो ग्राम पंचायत के रोजगार सचिव का चलता है ना ही इंजीनियर की बात सुनी जा रही है क्या इस विषय को जनपद के बड़े अधिकारी संज्ञान में लेते हैं और निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत और ठेकेदार के ऊपर कार्यवाही की जाती है या फिर निर्माण कार्य ऐसे ही धड़ल्ले से भ्रष्टाचार को दिखाते हुए लगातार चलते रहता है यह तो वक्त ही बताएगा।