चंद्रपुर।।छत्तीसगढ़ में इस वर्ष होने जा रहे हैं विधानसभा चुनाव जिसको मद्देनजर रखते हुए सभी राष्ट्रीय पार्टियां प्रत्येक विधानसभाओं में 5-5 कमिटियों से सर्वे करा रही है और वही भाजपा किसी भी मौके को छोड़ना नही चाहती। विधानसभा चंद्रपुर में हर दो पंचवर्षीय चुनाव में अलग-अलग पार्टियों का दबदबा रहता है, इस सीट से कभी कांग्रेस तो कभी भाजपा का पलड़ा भारी रहा है। वही बसपा 2018 के चुनाव की बात करें तो गीतांजली पटेल दूसरे पायदान पर रही है किन्तु आज की तारीख मे उनकी सक्रियता बीएसपी में नही दिखा रही है, और बसपा अभी फिलहाल स्वच्छ छवि के नया प्रत्यासी की तलाश कर रहा है ऐसा प्रतीत होता है ।

2018 में कांग्रेस ने चुनाव  के मुद्दे पर स्थानीय प्रत्याशी को टिकिट देने को लेकर पार्टी हाई कमान तक अपनी बात रखी और चंद्रपुर बसपा से 2013 मे चुनाव लड़े रामकुमार को अचानक पैराशुट लैंडिंग करा चुनाव लड़ाया गया और कांग्रेस लहर होने के कारण जीत भी हुई ।

 इस बार भाजपा बाहरी प्रत्याशी का खुल कर विरोध करते नजर आ रही है। पूर्व में विधायक रहे युद्धवीर सिंह जूदेव की धर्मपत्नी वर्तमान में भाजपा के विशेष आमंत्रित सदस्य भी है और अपनी दावेदारी कर रहे हैं, स्थानीय टिकिट मांगने वालों में क्षेत्र में सर्वाधिक लोकप्रिय चेहरा भाजपा में अभी तक सामने नही आया कार्यक्रमो की बात कहें तो रूपासिंह देव और ओपी चौधरी युवाओं के बीच जा रहे हैं और लगातार कार्यक्रमो में हिस्सा ले रहे हैं ।।

वही कांग्रेस में रामकुमार अभी वर्तमान में विधायक है जो कि 2018 में बसपा के गीतांजली पटेल 4000 व भाजपा के संयोगिता सिंह जूदेव से महज 12000 वोटों से आगे रहे और अपनी तैयारी पर ध्यान दे रहे हैं। वही कांग्रेस के स्थानीय प्रत्याशियों में कांग्रेस नेता दुर्गेश जायसवाल भी युवाओं में चर्चित हैं 2018 विधानसभा चुनाव में इनकी सक्रिय भूमिका रही है। 

इनकी चर्चा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समर्थक के रूप में होती है।इनकी सक्रियता ग्रामीणों के बीच जन सम्पर्क के लिए और उनके कार्यो के निराकरण के लिए जानी जाती है। इनकी चर्चा हमेसा भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन हड़ताल व सर्वाधिक कार्यक्रमो के लिए जाना जाता है। 

वहीं दूसरी ओर रिष्ठ कार्यकर्ताओं और वर्तमान विधायक रामकुमार के संबंध मधुर नही है इनका विवाद बीच-बीच मे उभर कर आता ही रहता है।तथा मनमानी का आरोप लगाते हजारो कार्यकर्ताओं ने संगठन को अवगत भी कराया है। 

बीते चार वर्षों में चंद्रपुर कांग्रेस की अंतरकलह बीच बीच मे सामने आते ही रही है, इसका मुख्य कारण दुर्गेश जायसवाल के साथ एनएसयूआई, युवा कांग्रेस, और ब्लाक कांग्रेस कमेटी के पूर्व वरिष्ठ पदाधिकारी आधे से ज्यादा मौजूद है और वही विधायक गुट में जोगी कांग्रेस और बसपा से आये लोग शामिल हैं। 

अब दुर्गेश जायसवाल ने भी अपने स्तर पर दीवाल बैनर पोस्टर लिखवाकर विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरु कर दी है और वही दूसरी तरफ रामकुमार भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हुए है देखना ये है अब चंद्रपुर में किसके सर पे ताज होता है

दोनों प्रतिद्वन्दी पार्टियों में भाजपा से एक तरफ सघन जनसम्पर्क करती संयोगिता सिंह जूदेव व दूसरी ओर युवाओं के चहेते ओपी चौधरी,तो वही कांग्रेस की बात की जाए तो एक ओर  तत्कालीन विधायक रामकुमार यादव तो ओर वरिष्ठ कार्यकर्ताओं व युवाओं की टीम के साथ दुर्गेश जायसवाल को प्रमुख दावेदार माना जा रहा है।