धर्मेंद्र महंत
रायगढ़ लैलूंगा - वर्तमान में नशा मुक्ति हेतु शासन द्वारा विभिन्न प्रकार के अभियान चलाए जा रहे हैं लेकिन यह अभियान पूर्ण रूप से सफल नहीं हो रहा है शराबबंदी ना होने से सबसे ज्यादा प्रभावित महिलाएं हो रही हैं उन्हें कई प्रकार की प्रताड़नायें झेलनी पढ़ रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत लैलूंगा के अंतर्गत आने वाला सांसद आदर्श ग्राम कहे जाने वाला ग्राम पंचायत लमडांड का मामला आज दिनांक 21/06/2023 को पता चला कि सांसद आदर्श ग्राम कहे जाने वाले ग्राम पंचायत लमडांड के पंचायत कर्मियों एवं महिला समूह द्वारा यह बताया गया कि लैलूंगा ब्लाक में सबसे ज्यादा शराब बनाया जाता है और मद्यपान किया जाता है जिसके कारण आए दिन गांव में घटनाएं हो रही हैं और गांव में अशांति का माहौल बना रहता है।
उक्त पंचायत कर्मियों एवं महिला समूहों द्वारा ग्राम लमडांड मैं घर घर जाकर नशा मुक्ति अभियान के तहत नशा बंद करने के लिए समझाया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ अंकिता ग्राम वासियों के ग्राम संगठन महिला समूह के अध्यक्ष पूर्णिमा पटेल एवं एवं समूह के सभी सदस्य लमदान क्षेत्र के बीडीसी श्री मनोज सतपति ग्राम के सरपंच राधिका दिल की एवं पंच गढ़ साथ ही जनपद पंचायत लैलूंगा के जनपद अध्यक्ष एवं ग्राम वासियों द्वारा जनपद पंचायत लैलूंगा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी,कार्यपालिका दंडाधिकारी लैलूंगा और अनुविभागीय दंडाधिकारी को नशा बंद करने बाबत ज्ञापन सौंपा गया।


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