खबर का असर..........
कांग्रेस नेता डॉक्टर अब्दुल मजीद ने राजस्व अधिकारियों से सांठगांठ करते हुए ग्रामीण का जमीन कराया था अपने पुत्र के नाम रजिस्ट्री।
मोहन प्रताप सिंह
राजधानी से जनता तक. सुरजपुर/:-- सुरजपुर जिले के प्रतापपुर में ज़मीन दलाली और धोखाधड़ी करते हुए अपने और अपने परिवार के नाम करने का मामला दैनिक राजधानी से जनता तक अखबार के द्वारा 8 अप्रैल 2023 को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए मामले को उठाया था जहा यह मामला कोर्ट तक पहुंचा जहां लोक अदालत के माध्यम से दोनों पक्षों की आपसी समझौते के माध्यम से अदालत द्वारा धोखाधड़ी कर कराए गए जमीन की रजिस्ट्री को निरस्त करते हुए शून्य घोषित किया गया।
डॉ. अब्दुल मजीद ने अपने अपने पुत्र के नाम कराया था जमीन की रजिस्ट्री
मामला प्रतापपुर विधानसभा का था जहा ग्राम पंचायत केवर निवासी डॉक्टर अब्दुल मजीद के द्वारा सत्ता शासन के नशे में चूर होते हुए जो कांग्रेस नेता है और अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रमुख पद में विराजमान होते हुए ऐसे धोखाधड़ी कर ग्राम पंचायत सत्तीपार निवासी सालिग राम पिता जीवधन राम जाति राजवाड़े उम्र 50 वर्ष के कई एकड़ भूमि को अपने पुत्र अब्दुल रहमान के नाम राजस्व विभाग के अधिकारियों से साठगांठ करते हुए रजिस्ट्री करवा लिया गया था।
ग्राम पंचायत सत्तीपारा के ग्रामीण एकत्रित होकर संबंधित थाना में कराया था शिकायत दर्ज
इस मामले को लेकर सत्तीपारा के सैकड़ों ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के साथ मिल कर सम्बन्धित थाना चंदौरा में उपस्थित होकर ज्ञापन सौंपकर बताया था कि अब्दुल मजीद का यह कारनामा पहला नहीं है इसके पूर्व कई ग्रामीणों से धोखाधड़ी करते हुए उनके ज़मीन को अपने और अपने परिवार के कई सदस्यो के नाम रजिस्ट्री करवा चुका है। अब्दुल मजीद पेसे से डॉक्टर है जो मासूम, अशिक्षित और गरीब ग्रामीणों का ईलाज कर, नशे के आदि लोगों अपने में कर पटवारी, रजिस्ट्रार जैसे राजस्व विभाग के अधिकारियों से साठगांठ करते हुए इन मासूमों को बहला फुसलाकर कर इनकी ज़मीन को अपने और अपने परिवार के नाम करवाया जा रहा है।
धोखाधड़ी कर ग्रामीण की जमीन रजिस्ट्री का मामला निरस्त हुआ लेकिन क्या ऐसे मामले आगे नहीं होंगे क्या इस पर रोक लग जाएगा शायद नहीं आखिर क्यों भोले-भाले मासूम ग्रामीणों को रसूखदार लोगों के द्वारा ठगा जा रहा है जहा इसमें राजस्व विभाग के अधिकारियों के द्वारा सहभागिता प्रदान करते हुए बिना जांच किए ही रजिस्ट्री जैसी प्रक्रिया को संपन्न कराया जा रहा है क्या इस पर रोक नहीं लगनी चाहिए और इसमें क्या राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों पर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए क्या यह सवाल एक सवाल बनकर ही रह जाएगा....?
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